माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि एवं माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन विशिष्ट अतिथि के रूप में आज दिशोम जाहेर, करनडीह, जमशेदपुर में आयोजित 22 वां संताली "परसी महा " एवं ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समापन समारोह में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय भाषा और संस्कृति को पहचान एवं सम्मान दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में आदिवासी समाज के साथ मिलकर प्रयास निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज का यह समारोह भी काफी विशेष है। क्योंकि, हमें संताली भाषा और साहित्य के विकास में साहित्यकारों तथा बुद्धिजीवियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित कर गर्व की अनुभूति हो रही है।